खून में लथपथ सैनिकों से मिलिट्री हॉस्पिटल में मिलती थी, कहते थे हम ठीक हैं, उनकी आंखें सवाल करती थीं, उन्हें हौसला देना बड़ी जिम्मेदारी थी


Saturday, July 25, 2020

ADVERTISEMENT

via Dainik Bhaskar https://ift.tt/32UPX7F
ad