लोगों की नजरों से बचने को मैं मर्द बन गई, बाल काटे, पगड़ी बांधी, रात-बेरात खेतों में पानी देने जो जाना पड़ता था


Wednesday, September 30, 2020

लोगों की नजरों से बचने को मैं मर्द बन गई, बाल काटे, पगड़ी बांधी, रात-बेरात खेतों में पानी देने जो जाना पड़ता था


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